अगर ये पार्टी सत्ता में लौटी और संविधान बदला गया तो पूरे देश में आग लग जाएगी

नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ “मैच फिक्सिंग” के आरोप के लिये राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत में कांग्रेस सरकार ने पार्टी के प्रथम परिवार को लाभ पहुंचाने के लिये पड़ोसी देश श्रीलंका के साथ एक ‘सौदा’ करके कच्चातिवु द्वीप उसे सौंप दिया था। गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर लोकसभा चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर भाजपा अपने प्रयासों में सफल हो गई, तो देश का संविधान बदल दिया जाएगा और लोगों के अधिकार छीन लिये जाएंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी के इस दावे को लेकर कांग्रेस की आलोचना की कि अगर भाजपा सत्ता में लौटी और संविधान बदला गया तो पूरे देश में आग लग जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीतिक कांग्रेस के ‘डीएनए’ में है।

पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1947 में धर्म के आधार पर देश का विभाजन और जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से को पाकिस्तान के कब्जे में छोड़ने भी संकोच नहीं किया। गांधी ने यहां रामलीला मैदान में आयोजित ‘इंडिया’ गठबंधन की लोकतंत्र बचाओ रैली में कहा कि यह कोई सामान्य चुनाव नहीं बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। गांधी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूनावाला ने कहा, ‘‘कुछ लोग मैच फिक्सिंग के बारे में बात कर रहे हैं। 1974 में, इंदिरा गांधी सरकार ने राष्ट्र हित और तमिलनाडु के लोगों के हितों से समझौता करते हुए, कांग्रेस के प्रथम परिवार को लाभ पहुंचाने के लिये कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका को सौंप दिया था…राहुल गांधी जी, आपके परिवार ने एक डील-फिक्सिंग की थी।”

भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर अक्साई चीन को चीन के अवैध कब्जे में और जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से को पाकिस्तान के अवैध कब्जे में देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने 1947 में भारत के विभाजन के लिए भी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। पूनावाला ने कहा, ‘‘आज कांग्रेस के प्रथम परिवार के वंशज, दक्षिण में उनकी पार्टी के सहयोगी (द्रमुक) के साथ मिलकर, अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति का पालन करते हुए उत्तर-दक्षिण विभाजन पैदा करने के अपने प्रयास में देश को जाति और के आधार पर विभाजित करने की बात करते हैं।’’

Related Articles

Back to top button