फतेहाबाद में बरसात से तापमान में गिरावट, फसलों को फायदा…

फतेहाबाद में शुक्रवार अलसुबह हुई बरसात ने किसानों को राहत देने का काम किया है। पिछले कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई थी लेकिन गुरुवार को हलकी बूंदाबांदी के बाद शुक्रवार सुबह बरसात होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। फतेहाबाद में बरसात के बाद तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आई है। पिछले दिनों तापमान जहां 28 डिग्री को पार कर गया था वहीं शुक्रवार को यहां का अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया है। फतेहाबाद में सुबह 8 बजे तक 8 एमएम, रतिया में 2 एमएम, टोहाना में 7 एमएम, भूना में 2 एमएम, भट्टूकलां में 1.5 एमएम, जाखल में 6 एमएम व कुलां में 8 एमएम बरसात दर्ज की गई है।

फतेहाबाद में शुक्रवार अलसुबह हुई बरसात ने किसानों को राहत देने का काम किया है। पिछले कई दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई थी लेकिन गुरुवार को हलकी बूंदाबांदी के बाद शुक्रवार सुबह बरसात होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। फतेहाबाद में बरसात के बाद तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आई है। पिछले दिनों तापमान जहां 28 डिग्री को पार कर गया था वहीं शुक्रवार को यहां का अधिकतम तापमान 23 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया है। फतेहाबाद में सुबह 8 बजे तक 8 एमएम, रतिया में 2 एमएम, टोहाना में 7 एमएम, भूना में 2 एमएम, भट्टूकलां में 1.5 एमएम, जाखल में 6 एमएम व कुलां में 8 एमएम बरसात दर्ज की गई है। अलसुबह हुई बरसात के बाद शुक्रवार को फतेहाबाद में दिनभर बादल छाये रहे और मौसम खुशनुमा बना रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश का क्रम अभी 1 मार्च तक बना रहेगा। प्रदेश के उत्तरी व पूर्व इलाकों में बारिश और बाकी हरियाणा में तेज गति से हवाएं चलने का अनुमान है। कृषि विशेषज्ञों ने गेहूं की फसल में पानी न लगाने की सलाह किसानों को दी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आज हुई बरसात फसलों के लिए फायदेमंद है। एक मार्च तक बारिश की संभावना बनी हुई है, इसलिए, किसानों को अभी फसल में पानी नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेज हवा चलने और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अभी गेहूं की फसल की बालियां निकल रही हैं, जो उसे फायदा पहुंचाएगी। यदि ऐसा मौसम और तापमान बना रहा तो इस बार गेहूं की फसल काफी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि सरसों, चना, जौ की फसल में भी यह बारिश फायदेमंद है। किसान अपने खेत में पानी न खड़ा होने दें।

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