
रायबरेली। शहर के देवानंदपुर में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर सोमवार को करीब 30 करोड़ कीमत की भूमि खाली कराई गई। एसडीएम के आदेश पर अवैध निर्माण को जेसीबी से ध्वस्त कराया गया। कब्जेदारों में एक महिला अमेठी जिले के एक पूर्व विधायक की बहू बताई जा रही है। सदर कोतवाली क्षेत्र के देवानंदपुर में हाईवे के किनारे गाटा संख्या 421 बंजर भूमि थी।
पूर्व में अभिलेखों में फर्जी खाता बनवाकर नसरीन ने करीब दो बीघा और धर्मेंद्र ने करीब एक बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी। मामला संज्ञान में आने के बाद एडीजीसी (राजस्व) संतोष बहादुर सिंह ने एसडीएम सदर के कोर्ट में मुकदमा किया था। एसडीएम सदर और संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए संबंधित भूमि से कब्जेदारों को बेदखल करने का आदेश दिया था। साथ ही संबंधित भूमि को दोबारा राजस्व में बंजर के रूप में दर्ज करा दिया।
एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार तेजस्वी त्रिपाठी, राजस्व निरीक्षक राजेंद्र सिंह आदि की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कई घंटे तक अभियान चलाया गया। शाम तक तीन बीघे से अधिक जमीन के खाली करा लिया गया। संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने बताया कि सरकारी भूमि को खाली कराने का अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को देवानंदपुर में सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया। कब्जेदारों पर अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।