
Waqf Amendment Bill -पर लोकसभा में बहस के दौरान जब सपा नेता अखिलेश यादव बोल रहे थे तो उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कई बार नोंकझोक हुई. वक्फ बिल पर लोकसभा में बहस के दौरान जब सपा नेता अखिलेश यादव बोल रहे थे तो उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कई बार नोंकझोक हुई. हास-परिहास का दौर भी चला. दरअसल अमित शाह ने बीजेपी के भविष्य को लेकर कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी को तीसरी बार केंद्र में मौका मिला है और इसी तरह कम से कम अगले तीन टर्म के लिए भी बीजेपी को मौका मिलेगा. इसी पृष्ठभूमि में अखिलेश ने तंज कसते हुए पूछा कि यूपी में योगी का क्या होगा? अमित शाह ने तत्काल जवाब दिया कि वो भी रिपीट होंगे. राजनीतिक हलकों में इसके सियासी मायने ये निकाले जा रहे हैं कि 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव जीतने की स्थिति में सीएम योगी को तीसरा टर्म भी मिलेगा.
इसी तरह अखिलेश यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा अब तक अपना अध्यक्ष नहीं चुन पाई है. इस पर अमित शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा कोई परिवारवादी पार्टी नहीं है और इसलिए इसे अपने नेतृत्व को चुनने में समय लग रहा है, जबकि कई पार्टियों में यह पहले से तय रहता है.
उन्होंने कहा, ‘‘अखिलेश जी ने बहुत हंसते-हंसते कहा है और वह इसका जवाब हंसते-हंसते ही देंगे.’’अमित शाह ने विपक्षी दलों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘ये सामने जितनी पार्टियां हैं उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष परिवार के ही पांच लोगों को चुनना होता है. जबकि (भाजपा में) 12-13 करोड़ सदस्य प्रक्रिया से (अध्यक्ष) चुनते हैं इसलिए देर लगती है. आपके यहां जरा भी देर नहीं लगेगी. मैं कह देता हूं…अभी 25 साल तक आप अध्यक्ष हो…’’
इस पर अखिलेश ने कहा, ‘‘अध्यक्ष महोदय जो बात निकल कर आई है उसे मैं आगे बढ़ाना चाहता हूं. जो बात सोशल मीडिया या अन्य जगह गुपचुप तरीके से हो रही है…कहीं ऐसा तो नहीं था कि अभी कुछ दिन पहले जो यात्रा हुई है वह कहीं 75 वर्ष के एक्सटेंशन वाली यात्रा तो नहीं थी?सपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय की हालिया यात्रा की ओर इशारा करते हुए यह कहा.