
रायबरेली। जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जिले में अलग-अलग इलाकों में 24 से अधिक लोगों को कुत्तों ने काटकर जख्मी कर दिया। एक-एक करके जिला अस्पताल पहुंचे लोगों ने चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा से चिकित्सीय सलाह लेने के बाद एआरवी (एंटी रैबीज वेनम) की पहली डोज लगवाई। अपरान्ह दो बजे तक नए व पुराने लोगों को मिलाकर करीब 150 लोग इंजेक्शन कक्ष में एआरवी लगवाने पहुंचे।
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में कुत्ते हिंसक होने लगे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा की ओपीडी में 24 नए मरीज एआरवी लगवाने के लिए पहुंचे। इसमें संतोष (28), शिव (11), आराधना (6), विशाल (13), संगीता (23), खुशी (5), कामता (37), पूनम (6), रितिक (6), रिया (11), मंतसा (27) आदि कुत्तों के हमले में जख्मी होने के बाद रैबीज लगवाने अस्पताल पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को एआरवी लगवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
72 घंटे में एआरवी का पहला टीका जरूरी
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को रेबीज संक्रमित किसी जानवर ने काट लिया हो तो उसे 72 घंटे के भीतर वैक्सीन की डोज अवश्य ले लेना चाहिए। कुत्ता काटने वाले स्थान को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन या डिटॉल से अच्छे से धोकर साफ जरूर कर लें। उसके तुरंत बाद रैबीज की वैक्सीन लगवानी चाहिए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण कुत्ते हिंसक व आक्रामक होने लगे हैं। इनसे बचकर रहना चाहिए। सभी सीएचसी व जिला अस्पतालों में एआरवी (रैबीज वैक्सीन) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।