
कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर संसद में बोलने का मौका न देने का आरोप लगाया. लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने आरोप लगाया कि कार्यवाही “अलोकतांत्रिक तरीके” से चल रही है और दावा किया कि प्रमुख मुद्दों को उठाने के उनके बार-बार अनुरोधों को नजरअंदाज किया गया. उनका कहना है कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन इस सदन में विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा, ‘एक कन्वेंशन है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है. मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता. यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता है. मैंने कुछ नहीं किया, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था. लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन यहां विपक्ष की कोई जगह नहीं है. यहां केवल सरकार की जगह है. उस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ मेले के बारे में बोला, जिसमें मैं अपनी बात जोड़ना चाहता था. मैं बेरोजगारी के बारे में कुछ कहना चाहता था, लेकिन मुझे नहीं बोलने दिया गया.’
‘संसदीय परंपरा की छवि को धूमिल करने की कोशिश’
वहीं, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, ‘संसदीय परंपराएं सिखाती हैं कि सदन जितना सत्ता पक्ष का है, उतना ही विपक्ष का भी है. जब भी विपक्ष के नेता सदन में आते हैं और सदन में अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो उन्हें नियम दिखाकर लोगों के मुद्दे उठाने के उनके अधिकार से वंचित किया जाता है. अगर सरकार का कोई मंत्री, कोई बीजेपी सांसद, बस खड़ा हो जाता है, तो उनका माइक चालू हो जाता है और उन्हें बोलने का मौका मिल जाता है.’
उन्होंने कहा, ‘जब हम दिल्ली हाई कोर्ट के जज के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव लेकर आए, तो हमारा प्रस्ताव खारिज हो गया, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री जो कर्नाटक के संदर्भ में झूठे आरोप लगा रहे थे, उन्हें मौका दिया गया. नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया जाता. इसके विरोध में हम सभी ने स्पीकर से मुलाकात की और इस मुद्दे को उठाया. हम देख रहे हैं कि सरकार संसद में ऐसा माहौल बना रही है जिसमें नेता प्रतिपक्ष, विपक्ष और संसदीय परंपरा की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है.’
राहुल गांधी ने बिल्कुल सही कहा- शत्रुघ्न सिन्हा
राहुल गांधी के बयान पर टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘राहुल गांधी ने बिल्कुल सही कहा है. राहुल गांधी हमारे नेता प्रतिपक्ष हैं, वे हम सभी के नेता हैं. ऐसा पहले भी हुआ है कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और आज भी ऐसा ही हुआ है. यह बहुत निंदनीय बात है. मैं अध्यक्ष की बहुत इज्जत करता हूं मगर मुझे नहीं पता कि उन पर क्या दबाव है? विपक्ष में एक से बढ़कर एक दमदार नेता हैं.’